
तू शायर भी है, है ग़ज़ल भी तू,
कभी गज़लों की किताब तू
तू किताब भी है, है कागज़ भी तू,
तू किताब भी है, है कागज़ भी तू,
हर कागज़ पर अल्फाज़ तू
तू अल्फाज़ भी है, है अफसाना भी तू,
तू अल्फाज़ भी है, है अफसाना भी तू,
कभी अफसानो सा ख़्वाब तू
मेरा ख़्वाब भी तू, मेरी नज़र भी तू,
मेरा ख़्वाब भी तू, मेरी नज़र भी तू,
मेरी नज़रों का जवाब तू…
तू सूरज भी है, और चाँद भी तू,
हर फूल का आफताब तू
तू सुबह भी है, और शाम भी तू,
हो रात तो, महताब तू
तू खुशी भी है, है गम भी तू,
हर एहसास का नक़ाब तू
मेरी तकदीर भी तू, लकीर भी तू,
हर एहसास का नक़ाब तू
मेरी तकदीर भी तू, लकीर भी तू,
मेरा दोस्त नायाब तू…
तू सागर भी है, है लहर भी तू,
तू सागर भी है, है लहर भी तू,
कभी लहरों का सैलाब तू
तू सैलाब भी है, है अमन भी तू,
तू सैलाब भी है, है अमन भी तू,
जो रूठे तो अज़ाब तू
तू बाग़ भी है, है फूल भी तू,
तू बाग़ भी है, है फूल भी तू,
उन फूलो में गुलाब तू
कभी गुलाब है तू, हर जश्न में तू,
कभी गुलाब है तू, हर जश्न में तू,
कभी दर्द बेहिसाब तू…
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