
दिल डूबा जहाँ, सहारा नहीं
हर कश्ती की किस्मत, किनारा नहीं
कभी कहर-ए-तूफाँ बना वजह
कभी साहिल ने दिल से पुकारा नहीं…
गर मिलना अब मुमकिन, दुबारा नहीं
ये लम्हा-ए-हिज्र, गँवारा नहीं
फिर उतरे काश ज़मीं पर चाँद
महताब से मेरा गुज़ारा नहीं…
हर कश्ती की किस्मत, किनारा नहीं
कभी कहर-ए-तूफाँ बना वजह
कभी साहिल ने दिल से पुकारा नहीं…
गर मिलना अब मुमकिन, दुबारा नहीं
ये लम्हा-ए-हिज्र, गँवारा नहीं
फिर उतरे काश ज़मीं पर चाँद
महताब से मेरा गुज़ारा नहीं…
कहर-ए-तूफाँ = storm's fury
मुमकिन = possible
दुबारा = once again
लम्हा-ए-हिज्र = moment of separation
महताब = moonlight
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