खुदा ने पूछा बन्दे से, बता तेरी रज़ा क्या है
आज तो जीता है तू, अब आँसुओं की वजह क्या है
आज तो जीता है तू, अब आँसुओं की वजह क्या है
मैं जीता जो पहली बार, पता ना था जीतने की सज़ा क्या है
खुदा हारा नहीं कभी, उसे क्या पता हारने में मज़ा क्या है...!

उसकी आँखें हो बंद, तो रात होती है
उसकी आँखें हो नम, बरसात होती है
मेरे हारने के बाद जब वो साथ होती है
तब हारने में भी कुछ बात होती है...!
2 comments:
खुदा ने पूछा बन्दे से, बता तेरी रज़ा क्या है
आज तो जीता है तू, अब आँसुओं की वजह क्या है
bahut badhiya likhate rahiye.
Thanks...
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